भरत घासले। गोंदिया
भारतीय सिनेमा के नटसम्राट और अद्वितीय अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 8 अक्टूबर 2026 को उनके आवास पर उनका दुखद निधन हो गया। उनके निधन से न केवल फिल्म जगत मातम छाया है बल्कि अनगिनत गांवों और किसानों के घरों में शोक की लहर छा गई है। नाना पाटेकर भले ही शरीर छोड़ गए हो लेकिन गोंदिया जिले के किसानों और तालाबों के रूप में उनका पानी हमेशा जीवित रहेगा। जिले के 45 तालाबों को नाना के नाम फाउंडेशन के माध्यम से पुर्नजीवित कर इन तालाबों का कायाकल्प किया गया है। उनके नाम द्वारा किया गया यह अमुल्य कार्य जिलेवासियों के लिए हमेशा जीवित रहेगा।
बता दें कि गोंदिया जिले को विदर्भ में तालाबों का जिला कहा जाता है। लेकिन समय पर मरम्मत तथा देखभाल नहीं होने के कारण अधिकांश ऐतिहासिक मामा तालाबों का अस्तित्व खतरे में आ गया था। जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों की फसलों तथा जलस्त्रोतों को पहुंच रहा था। अकाल तथा विभिन्न कारणों को लेकर राज्य के किसान आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे थे। जिसे देखते हुए फिल्मी चकाचौंद से दूर रहने वाले नाना पाटेकर ने किसानों की दुर्दशा और पानी की किल्लत को दूर करने के लिए नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी। इस संस्था के माध्यम से गोंदिया जिले में जल संरक्षण का जो अभूतपूर्व काम किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। बताया गया है कि 45 मामा तालाबों का कायाकल्प नाम फाउंडेशन के माध्यम से किया गया है। मृद व जल संधारण विभाग की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि नाम फाउंडेशन के माध्यम से आर्थिक वर्ष 2025-26 में 30 व वर्ष 2026-27 में 15 इस प्रकार कुल 45 तालाबों की जलभराव की क्षमता बढ़ाने के लिए 4 लाख 65 हजार 981.8 घन मीटर कीचड़ और मिट्टी बाहर निकालकर तालाबों में वॉटर बैंक तैयार की। इस भगीरथ प्रयास के कारण तालाबों की पानी रोकने की क्षमता कई गुणा बढ़ गई, जिससे न केवल भूजल स्तर सुधरा बल्कि हजारों एकड़ खेती को नया जीवन मिला। आज भले ही नाना का शरीर शांत हो गया है, लेकिन इन तालाबों की हर एक बूंद में नाना पाटेकर का सेवाभाव और उनका पानी हमेशा जीवित रहेगा।
हर एक बूंद में नाना का ‘नाम’
जिले में कड़कती धूप और सूखे के दिन आते है। तब नाम फाउंडेशन द्वारा पुर्नजीवित किए गए यह तालाब जिलेवासियों की प्यास बुझाने में काफी मददगार साबित होते है। मुंडीकोटा में तालाब काे पुर्नजीवित किया गया है, जो कभी सूखने वाला नहीं है। आज भले ही नाना पाटेकर का शरीर शांत हो गया है, लेकिन उनके संस्था द्वारा पुर्नजीवित हुए तालाबों की हर एक बूंद में नाना पाटेकर का सेवाभाव और उनका पानी धड़कता रहेगा।
- प्रतिमा सुभाष जैतवार, सरपंच, मुंडीकोटा
नाम और टाटा संस्था से मिले थे 4 करोड़
जिले के तालाबों को पुर्नजीवित करने के लिए नाम फाउंडेशन व टाटा मोटर्स इन दो संस्थाओं ने गोंदिया जिले को 3 करोड़ 73 लाख 92 हजार 35 रूपए की निधी मंजूर की थी। मंजूर निधी से गोंदिया तहसील के 14, गोरेगांव तहसील के 10, तिरोड़ा तहसील के 8, आमगांव तहसील के 10, देवरी तहसील के 9 व सालेकसा तहसील के 9 तालाबों का गहराईकरण किया गया है।
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