सारस एक्सप्रेस गोंदिया
जिले में सूखे की स्थिती का जायजा लेने के लिए शासन द्वारा गोंदिया जिले की आमगांव, देवरी, सालेकसा व गोंदिया तहसीलों के सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए है। लेकिन इस सूची में गोरेगांव तहसील का समावेश नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी होकर जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन के खिलाफ आक्रोश निर्माण होने लगा है। किसानों का कहना जिस तरह से सूखाग्रस्त घोषित तिरोड़ा तहसील की स्थिती है, ठीक इसी तरह गोरेगांव तहसील की भी स्थिती बनी हुई है। इसके बावजूद भी शासन द्वारा अकालग्रस्त सर्वेक्षण की सूची से गोरेगांव तहसील को बाहर रखा गया है।
बता दें कि शासन ने पिछले सप्ताह ही अकालग्रस्त तहसीलों की सूची जाहीर की है। इस सूची में गोंदिया जिले की एकमात्र तिरोड़ा तहसील का समावेश था। अकालग्रस्त की सूची जाहीर होते ही जिले के किसानों में तीव्र नाराजगी छा गई थी। जिसे देखते हुए गोंदिया जिले के विधायक विनोद अग्रवाल, पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री विधायक राजकुमार बडोले, संजय पुराम तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री तथा प्रशासन को पत्र लिखकर गोंदिया जिले को अकालग्रस्त की सूची में शामिल करने की मांग उठाई थी। जिसे देखते हुए शुक्रवार को शासन ने राज्य की 19 तहसीलों में सूखे की स्थिती का जायजा लेने के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए। इस सर्वेक्षण के निर्देश में गोंदिया जिले की आमगांव, देवरी, सालेकसा व गोंदिया तहसील का समावेश है। लेकिन गोरेगांव तहसील का समावेश नहीं होने से किसानों में तीव्र नाराजगी छा गई है और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश भी निर्माण होने लग गया है। मांग की गई है कि जिस तरह से अन्य तहसीलों की स्थिती निर्माण है ठीक गोरेगांव तहसील में भी इसी तरह की स्थिती देखी जा सकती है।
Post a Comment