मनरेगा मजदूरों पर आर्थिक संकट मातोश्री पांदन रस्ते का काम पुरा, लेकिन मजदूरों की करोड़ों रूपयों की मजदूरी अटकी सारस एक्सप्रेस। गोंदिया

    सारस एक्सप्रेस। गोंदिया 
जिले में करोड़ों रूपयों की लागत से मातोश्री पांदन रस्ते का काम पुरा किया गया। लेकिन दो माह से अधिक का समय बीत गया। बावजूद मजदूरों की करोड़ों रूपयों की मजदूरी उनके खातों में जमा नहीं की गई है। जिस वजह से हजारों मजदूर परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। मजदूरों की मजदूरी मिलनी चाहिए इस विषय को लेकर कोई भी जनप्रतिनिधि सरकार के सामने मांग रखने के लिए आगे नही अा रहा है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसान तथा मजदूरों के हित में अनेक महत्वकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। जिनमें से एक मातोश्री पांदन रस्ता योजना है। इस योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक जाने के लिए पक्का रस्ता तैयार किया जाता है। मनरेगा के माध्यम से इस कार्य को पुरा कराने के लिए लगभग 25 लाख रूपए तक की निधी उपलब्ध की जाती है। जिसमें से 6 लाख रूपए निधी मजदूरों के मजदूरी के लिए आरक्षित रखी जाती है। जिले में हजारों पगडंडियों का निर्माण किया गया। जहां पर हजारों की संख्या में मनरेगा मजदूरों ने अपना पसीना बहाया है। काम पुरा होने दो माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अभी तक मजदूरों के खातों में मजदूरी जमा नहीं की गई है। इस संदर्भ में अधिक जानकारी दी गई कि अकेले गोरेगांव तहसील के मजदूरों की लगभग 7 करोड़ की निधी अटकी हुई है। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले के मजदूरों की निधी लगभग 60 से 70 करोड़ रूपए शासन दरबार में अटकी हुई है। मजदूरी नहीं मिलने से हजारों मजदूर परिवारों पर आर्थिक संकट आन पड़ा है। इसके बावजूद भी कोई भी जनप्रतिनिधि प्रलंबित निधी की मांग को लेकर आगे नहीं आ रहा है। 

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post