सारस एक्सप्रेस। गोंदिया
पोला उत्सव के इस पावन अवसर पर समाज के पीड़ित परिवारों के जीवन में मिठास घोलने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल गोरेगांव तहसील में मानवता और संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है। क्षेत्र के पूर्व सभापति मनोज बोपचे की एक विशेष आत्मीय संकल्पना के चलते त्यौहार की खुशियां इस आर उन संकटग्रस्त परिवारों के घरों तक भी पहुंची, जो विपरित परिस्थितीयों से झुझ रहे है। एैन पोला उत्सव के दिन ही अचानक ‘आनंदाचा सीधा’ की कीट पहुंचने से पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान झलक उठी। बता दें कि बैल पोला त्यौहार किसान उत्सव के तौर पर मनाते है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह उत्सव तीन दिनों तक मनाया जाता है। लेकिन ऐसे भी कुछ परिवार होते है, विभिन्न घटनाओं में मुखिया परिवार को छोड़कर चला जाता है। ऐसे संकटग्रस्त परिवारों में त्यौहार या उत्सव के दिन नाराजी देखी जाती है। ऐसे पीड़ित परिवार भी समाज के परिवार की तरह वे भी खुशियों के साथ रहे इस उद्देश्य को लेकर पूर्व पंचायत समिति सभापति मनोज बोपचे द्वारा ‘आनंदाचा सीधा’ की संकल्पना शुरू की गई है। तहसील के नवाटोला में कुछ दिन पूर्व ही चंद्रकुमार नामक व्यक्ति की मृत्यु विद्युत करंट से मृत्यु हो गई थी, जो परिवार का मुखिया था। उसी प्रकार कलपाथरी निवासी राधेश्याम सेगो राऊत की जंगली सुअर के हमले में मृत्यु हो गई थी। इस तरह अनेक निराधार भी है, जिन्हे कोई आधार नहीं मिल रहा है। इन सभी संकटग्रस्त परिवारों के घरों में अचानक पोला उत्सव के दिन भी आनंदाचा सीधा की कीट तथा नगद राशि पहुंचने से उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
यह कोई दान नहीं बल्कि कर्तव्य है
राजनिती और समाज सेवा का असली मकसद तभी पुरा होता है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति को भी आनंदित रखा जा सके। यह कोई दान नहीं बल्कि परिवार के लोगों के प्रति अपना कर्तव्य है।
- मनोज बोपचे, पूर्व सभापति, पंस गोरेगांव
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