सारस एक्सप्रेस नेटवर्क
गोंदिया: सरकार ने घोषणा की है कि इस वर्ष की खरीफ फसल
में धान की खरीद के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल को 34.23 रुपये प्रति क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से धान खरीदने का आदेश दिया गया है। जिसे देखते हुए किसानों को अब अतिरिक्त धान निजी व्यापारियों को बेचना पड़ेगा और वे समर्थन मूल्य से वंचित रह जाएंगे। इस वजह से किसानों में असंतोष है।
किसानों को समर्थन मूल्य से कम दाम न मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से धान की खरीद करती है। इस वर्ष सरकार ने धान के लिए 2,441 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया है। जिले में खरीफ धान की खेती 1 लाख 96 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर की गई। किसानों के अनुसार, जिले में धान का उत्पादन 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यही कारण है कि किसान शुरू से ही सरकारी धान खरीद केंद्र से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से धान खरीदने की मांग कर रहे थे। सरकार जिला कृषि विभाग से प्राप्त धान के प्रति हेक्टेयर उत्पादन को देखकर धान खरीद की सीमा निर्धारित करती है। इस वर्ष कृषि विभाग ने धान की प्रति हेक्टेयर सीमा 34.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निर्धारित की थी। इसके बाद सरकार ने भी यही सीमा तय कर गुरुवार (22) को जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल को इसी सीमा के अनुसार धान खरीदने का आदेश दिया।
Post a Comment